Tuesday, April 3

तुझमे हे एक आग!


लोगों की सफलताओं को देख तू मन ना मार,
तू भी होगा सफल, बस खुद को मौका दे,

ना हुए सफल तो भी क्या,
इस पागल मन को एक कोशिश तो करने दे, 

तू जानता हे, सफ़र कभी ना होना था आसान,
पर सफ़र शुरू होने से पहले तो मन को बढ़ावा दे, 

सपनों में देखा वेसा होगा तेरा जीवन,
बस अपना ये बँधा होसला टूटने ना दे,

उठ जाग विनीत, मंज़िल इंतजार कर रही हे,
खुद को यूँ सुस्त ना होने दे,

एक दिन तो सबको उस अंधेरी सुरंग मे जाना ही हे,
वहाँ पहुँच तू हो खुश, कुछ ऐसा कर दे,

मुश्किलों का सामना कर, खुद को रुकने ना दे,
तुझमे हे एक आग, इसे यू बुझने ना दे!








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